Main Sadiyon Ki Pyaas

Naresh Shandilya

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  • Year: 2006

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170167952

नरेश शांडिल्य और उसकी ग़ज़लों से मेरी शनासाई पिछले कुछ वर्षों से है, लेकिन बहुत पुरानी लगती है । मैंने जब-जब उसकी गज़लें पढ़ीं या सुनी, कुछ न कुछ-शे'र जरूर जी को लगे ।
नरेश शांडिल्य ग़ज़ल-विधा और उसकी नजाकतों से खूब वाकिफ़ है । यह न केवल विभिन्न बहरों और रदीफ़-काफियों का अच्छा ज्ञान रखता है बल्कि शब्दों का भी मिजाज आश्ना है । वह अपने जज़्बात और अहसासात को अशआर के पेराए में अभिव्यक्त करने का गुर जानता है । उसकी ग़ज़लों से व्यक्ति, समाज और समय हाथ में हाथ लिए साथ-साथ चलते नजर जाते हैं ।
मैं सदियों की प्यास नरेश शांडिल्य की ताजा ग़ज़लों  का संकलन है । मुझे यकीन है कि हिन्दी ग़ज़लों के शैदाई  इसे मुद्दतों याद रखेंगे ।
-प्रोफेसर सादिक
उर्दू विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय

Naresh Shandilya

नरेश शांडिल्य
० मूल नाम: नरेश चन्द शर्मा ० जन्म तिथि: 15 अगस्त, 1958 ० जन्म स्थान: नई दिल्ली स मूल निवासी: बहरोड़ (राजस्थान) ० शिक्षा: एम.ए. (हिन्दी)       ० प्रकाशित / प्रकाश्य कृतियाँ: ‘टुकड़ा-टुकड़ा ये ज़िन्दगी’--कविता संग्रह (1995); ‘दर्द जब हँसता है’--दोहा-कविता संग्रह (2000); ‘नाट्य प्रस्तुति में गीतों की सार्थकता’--शोधकार्य ० पुरस्कार/सम्मान: हिन्दी अकादमी, दिल्ली की ओर से काव्य संग्रह ‘टुकड़ा-टुकड़ा ये ज़िन्दगी’ के लिए ‘साहित्यिक कृति सम्मान’ (1996); भारतीय साहित्य परिषद्, दिल्ली की ओर से ‘भवानीप्रसाद मिश्र सम्मान’ (2001); वातायन, लंदन, यू.के. की ओर से ‘वातायन कविता सम्मान’ (2005) ० कवि सम्मेलन/काव्य पाठ: देश के अनेक शहरों में राष्ट्रीय स्तर के कवि सम्मेलनों/संगोष्ठियों में काव्यपाठ; आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा बी.बी.सी. पर काव्यपाठ व रचनाएँ प्रसारित; इंग्लैण्ड के प्रमुख शहरों में आई.सी.सी.आर. के सौजन्य से 2001 व 2005 में अन्तरराष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में काव्यपाठ  ० नाटक: लगभग 20 नुक्कड़ नाटकों/मंचीय व ध्वनि-प्रकाश प्रस्तुतियों में 50 से अधिक नाट्य गीतों का लेखन व 500 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों में प्रमुख अभिनय; भारत सरकार के संस्कृति विभाग की ओर से थिऐटर में ‘सीनियर फेलोशिप’  ० पत्रकारिता: सम्पादक: ‘अक्षरम् संगोष्ठी’--हिन्दी साहित्य की अन्तरराष्ट्रीय त्रौमासिक पत्रिका; रचनात्मक निदेशक: ‘प्रवासी टाइम्स’--प्रवासी भारतीयों की अन्तरराष्ट्रीय मासिक पत्रिका

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