Bheer Mein Akela

Vishv Nath Gupta

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  • Year: 1993

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Jagat Ram & Sons

  • ISBN No: 6655779911009

भीड़ में अकेला
गाँव से पलायन करके शहर में आने वाला आदमी अपने गम के सागर में इस तरह डूब जाता है कि उससे बाहर निकलने की कोई राह उसे नजर नहीं आती । शहर में नया होने के कारण शुरू-शुरू में उसे भ्रम होता है । जल्दी ही उसका वह भ्रम टूट जाता है । जब वह शहर की भीड़ में गुम होता है तो उसे अहसास होता है कि उसका अस्तित्व वहाँ पर वैसा ही है जैसा समुद्र में एक लहर का । अपने दिल की बात वह किसी से कहना चाहता है, लेकिन उसे सुनने की किसी को फुर्सत ही नहीं है । उसे अपनी जिन्दगी ज़हर- सी लगती है ।  उसका मन उडने के लिए छटपटाता है, लेकिन एक परले परिन्दे की तरह वह कहीं उड़ नहीं सकता । बेबस-सा, असहायता झेलता रहता है वह उस गम की जिन्दगी को और पीता रहता है उसके जहर को ।
गाँव के आदमी की इसी त्रासदी को रूपायित किया है कवि विश्वनाथ गुप्त ने अपनी गज़लों में, जो सीधे-सादे शब्दों में, बिना किसी लाग-लपेट के उसकी दास्तां बया करती है ।

Vishv Nath Gupta

विश्वनाथ गुप्त
जन्म: 16 मई, 1935, शेखावाटी (राजस्थान) के अलसीसर गाँव में
शिक्षा: बी. कॉम.
लेखन कार्य की शुरुआत 1952 से 
1958 से 1989 तक कुछ बड़ी निजी कंपनियों में महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य करने के उपरांत स्वतंत्र लेखन और पत्रकारिता की शुरुआत। देश की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में बाल- साहित्य, टी. वी., फिल्म, सामाजिक-आर्थिक विषयों पर हिंदी और अंग्रेज़ी में लेखन। आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी नाटकों, वार्ताओं तथा बाल-साहित्य की रचनाओं का प्रसारण
प्रकाशित पुस्तकें -
ग़ज़ल-संग्रह: ‘भीड़ में अकेला’ ०  बाल उपन्यास: ‘बहादुरी का भूत’, ‘पिंकू के कारनामे’ (हिंदी और पंजाबी), ‘खोज’, ‘आज़ादी के दीवाने’ तथा ‘दो अँगूठियाँ’ ०  बाल कविता-गीत-संग्रह: ‘बंदर का विवाह’, ‘मम्मी-पापा कितने अच्छे’, ‘एक हमारा होगा स्वर’, ‘पढ़ो-गुनगुनाओ’ (हिंदी अकादमी, दिल्ली से पुरस्कृत) तथा ‘भारत के बच्चे’ ०  बाल कहानी-संग्रह: ‘देश-विदेश की लोककथाएँ’, ‘पौराणिक बालकथाएँ’, ‘मज़ेदार कहानियाँ’, ‘गाँव की कहानियाँ’, ‘सरस कथाएँ’, ‘रोचक कहानियाँ’, ‘जीवन-विकास की प्रेरक कहानियाँ’, ‘पशु-पक्षियों की कहानियाँ’ (1 और 2), ‘सीख और ज्ञान की कहानियाँ’, ‘चाट के चटकारे’, ‘बादलों का खज़ाना’, ‘बुढ़िया, बंदर और दूध’ ०  विविध: ‘नए ज्ञान की अनोखी बातें’, ‘सपनों को साकार किया’, ‘महान् गणितज्ञ आर्यभट’, ‘आचार्य चाणक्य’, ‘सम्राट् अशोक’, ‘सम्राट् चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘भारत में पंचायती राज’ तथा ‘सूचना का अधिकार’
पुरस्कार/सम्मान: हिंदी अकादमी, दिल्ली से बाल-साहित्य पुरस्कार और अंतर्राष्ट्रीय विश्व शांति प्रबोधक महासंघ द्वारा राष्ट्रीय हिंदी-सेवी सहस्राब्दी सम्मान

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