Kavi Ne Kaha : Neelesh Raghuvanshi (Paperback)

Nilesh Raghuvanshi

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  • Year: 2016

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-85054-64-8

किसी कवि का कथन है कि कविता हमारे चारों ओर चीज़ों, घटनाओं, गतियों, स्थितियों, ध्वनियों, आहटों और अंतरालों में हर समय मौजूद होती है, वह हमारे आसपास तैरती रहती है और एक समर्थ कवि उसे पहचानकर एक परिचित शक्ल दे देता है। नीलेश रघुवंशी अपने दौर के पुरुष और महिला कवियों से इस रूप में अलग हैं कि उनके लिए कविता हमारे सामान्य निम्नमध्यवर्गीय जीवन से अलग, विभिन्न या उससे उच्चतर काम नहीं है बल्कि वह उसी जीवन के भीतर घटित होती है। उनकी कविता अपने समय के भौतिक और मानसिक द्वंद्वों को अनदेखा करके अभिव्यक्ति का कोई अपरिचित लोक नहीं रचती। वह जीवन को जारी रखने वाले कामों का निषेध नहीं करती बल्कि उन्हीं कामों में से अपने को उत्पन्न करती रहती है।
जीने की उष्मा और ललक से भरी ये कविताएँ समकालीन कविता में नीलेश की नई पहचान को रेखांकित करती हैं। ‘पहली रुलाई तक की डायरी’ जैविक स्त्री-बोध का क्रमिक दस्तावेज है, जो शायद हिंदी में पहली बार इतनी प्रामाणिकता के साथ दर्ज हुआ है। इस काव्यात्मक डायरी को जो बात सबसे अधिक  विश्वसनीय बनाती है, वह अजन्मे शिशु के साथ माँ की वह चुहल है, जो प्रायः इसके हर टुकड़े में मिल जाएगी। ‘जन्म देना एक यातना से गुजरना है’--इस पंक्ति को लिखने वाली यह कवयित्री ही यह क्रीड़ाभरी पंक्ति भी लिख सकती है--‘मैं लिख रही हूँ डायरी और तुम बंदर बने हुए हो--तुमने तो मेरे पेट को खेल का मैदान बना रखा है।’ जन्म देने के सर्जनात्मक उल्लास से भरी ये कविताएँ समकालीन कविता में कुछ नया जोड़ती हैं।   

Nilesh Raghuvanshi

नीलेश रघुवंशी
4 अगस्त, 1969, गज बासौदा, मध्य प्रदेश
एम०ए०, हिंदी साहित्य ॰ एम०फिल०, भाषा विज्ञान
कविता-संग्रह : 'घर निकासी' ( 1997), 'पानी का स्वाद' (2004)
बच्चों के नाटक : 'एलिस इन वंडरलैंड', 'डॉन क्विगजोट', 'झाँसी की रानी' 2006 में प्रकाशित
'छुटी हुई जगह' स्त्री कविता पर नाट्य आलेख ० 'अभी ना होगा मेरा अंत' निराला पर नाट्य आलेख ० क्रिएटिव लीजेण्ड 'सैयद हैदर रजा एवं ब०व० कारंत' पर नाट्य आलेख ० और भी कई नाटक एवं टेलीफिल्म में पटकथा लेखन
1997 का भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार ०  1997 का आर्य स्मृति साहित्प सम्मान'
1997 का दुष्यंत कुमार स्मृति सम्मान ०  2004 का केदार सम्मान ०  2006 का प्रथम
शीला स्मृति पुरस्कार ० 'गाथा एक लंबे सफर की' वृत्तचित्र के लिए (Best Literary Adaptation Of Acclaimed Work) डी०डी० अवार्ड, 2003 ० वृत्तचित्र 'जगमग जा कर दे' डी०डी० अवार्ड, 2004

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