Dus Pratinidhi Kahaniyan : Kamleshwar (Paperback)

Kamleshwar

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  • Year: 2016

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-85054-87-7

दस प्रतिनिधि कहानियाँ : कमलेश्वर
'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार कमलेश्वर ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : "कोहरा', 'राजा निरबंसिया', 'चप्पल', 'गर्मियों के दिन', 'खोई हुई दिशाएँ', 'नीली झील', 'इंतजार', 'दिल्ली में एक मौत' , 'मांस का दरिया' तथा 'बयान' ।
हमेँ विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक कमलेश्वर की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Kamleshwar

कमलेश्वर, जन्म : 6 जनवरी, 1932, मैनपुरी (उ०प्र०), शिक्षा : एम०ए० (हिंदी), इलाहाबाद विश्वविद्यालय। प्रकाशित कृतियाँ : राजा निरबंसिया, कस्बे का आदमी, बयान, जार्ज पंचम की नाक, खोई हुई दिशाएं, मांस का दरिया, इतने अच्छे दिन, कोहरा, रावल की रेल, समग्र कहानियां, दस प्रतिनिधि कहानियां, आजादी मुबारक (कहानी- संग्रह); एक सड़क सत्तावन गलियां, लौटे हुए मुसाफिर, तीसरा आदमी, समुद्र में सोया हुआ आदमी, काली आँधी, आगामी अतीत, रेगिस्तान, वही बात, सुबह दोपहर शाम, डाकबँगला, कितने पाकिस्तान, एक और चन्द्रकाता (दो भाग) (उपन्यास); कश्मीर : रात के बाद, देशन-देशांतर (यात्रान्-वृत्तांत); जो मैंने जिया, यादों के चिराग, जलती हुई नदी (आत्मकथा); नई कहानी की भूमिका, मेरा पन्ना, बंधक लोकतंत्र, सिलसिला थमता नहीं, घटनाचक्र, दस्तक देते सवाल, मेरे साक्षात्कार, अपनी निगाह में आदि (विदिध); गुलमोहर फिर खिलेगा आदि (संपादन); इंगित, संकेत, नई कहानियां, सारिका, श्रीवर्षा, गंगा, कथायात्रा, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर का संपादन (पत्रकारिता); चन्द्रकांता, आकाशगंगा, युग, रेत पर लिखे नाम, बिखेरे पन्ने, दर्पण आदि (सीरियल लेखन); आँधी, मौसम, अमानुष, द बर्निंग ट्रैन, राम बलराम, शैतान, पति-पत्नी और वह, नटवरलाल, सारा आकाश, डाकबँगला आदि लगभग 100 स्क्रिप्ट्स (फिल्में)।
स्मृति-शेष : 27 जनवरी, 2007

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